नैमिषारण्य,सीतापुर(उत्तर प्रदेश): जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आशीष जैन के निर्देश पर प्राधिकरण के सचिव आलोक यादव ने शनिवार को नैमिषारण्य स्थित लीगल एड क्लीनिक व वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अभिलेखों की गहन पड़ताल करने के साथ ही आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
रजिस्टरों की जांच कर योजनाओं के प्रचार पर दिया जोर
मिश्रिख तहसील क्षेत्र के तीर्थ नैमिषारण्य स्थित लीगल एड क्लीनिक के निरीक्षण के दौरान सचिव ने सभी अभिलेखों व रजिस्टरों का सत्यापन किया। मौके पर पराविधिक स्वयंसेवक हरिओम शुक्ला, विनय मिश्रा और छोटे मुन्ना मौजूद मिले। सचिव ने स्वयंसेवकों को निर्देशित किया कि तीर्थ क्षेत्र में आने वाले सभी श्रद्धालुओं व आगंतुकों को राज्य व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दें। साथ ही, 12 सितंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर जन-जन तक जागरूकता फैलाने को कहा।
बुजुर्गों को बताए भरण-पोषण कानून के अधिकार
क्लीनिक के बाद सचिव ने नैमिषारण्य स्थित वृद्धाश्रम का जायजा लिया। उन्होंने आश्रम में निवासरत वरिष्ठ नागरिकों से सीधा संवाद कर ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार अधिनियम-2007’ के तहत मिलने वाले कानूनी प्रावधानों व अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बुजुर्गों से उनकी समस्याओं के संबंध में भी पूछा और उन्हें कानूनी मदद का भरोसा दिलाया।
खान-पान और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष नजर के निर्देश
निरीक्षण के दौरान वृद्धाश्रम की मूलभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त पाई गईं। सचिव ने मौके पर मौजूद केयरटेकर को निर्देश दिए कि सभी वृद्धजनों को उनकी जरूरत के अनुसार गुणवत्तापूर्ण व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने वृद्धों की नियमित चिकित्सीय जांच और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय लिपिक रितिकेश श्रीवास्तव भी साथ रहे।



0 टिप्पणियाँ